गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जी.बी.पी.यू.ए.टी.), पंतनगर की एलुमनी आल्मा मेटर एडवांसमेंट एसोसिएशन (4A) द्वारा “स्वस्थ मन और उत्पादक जीवन के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट” विषय पर दो दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के मल्टी पर्पज़ कॉम्प्लेक्स में किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. ए. एस. जीना, उपाध्यक्ष, 4A के मार्गदर्शन में तथा डॉ. अनिल कुमार, मुख्य समन्वयक एवं सचिव, 4A के समन्वय से कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तीव्र गति वाले शैक्षणिक वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को तनाव से निपटने के लिए सशक्त बनाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन में संतुलन, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। एलुमनी आल्मा मेटर एडवांसमेंट एसोसिएशन (4A) की यह पहल सराहनीय है और विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहेगा।

डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों एवं विश्वविद्यालय कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा तनाव से निपटने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ डॉ. पूनम देवदत्त, प्रख्यात परामर्श मनोवैज्ञानिक एवं संगठनात्मक प्रशिक्षक रहीं। देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में 500 से अधिक प्रभावशाली सत्रों का अनुभव रखने वाली डॉ. देवदत्त ने अपने संवादात्मक एवं रोचक सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं, जिन्हें प्रतिभागियों ने अत्यंत सराहा।
4A की पहल के अंतर्गत इस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के विभिन्न हितधारक समूहों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बहु-सत्रीय रूप में संरचित किया गया। प्रथम दिवस (26 दिसंबर 2025) को प्रातःकालीन सत्र कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के स्नातक छात्रों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया, जिसके पश्चात दोपहर का सत्र संकाय सदस्यों, वार्डनों, सहायक वार्डनों, प्रबंधकों एवं छात्रावास परामर्शदाताओं के लिए समर्पित रहा। दोनों सत्रों में सक्रिय सहभागिता, विचारोत्तेजक चर्चाएँ एवं सार्थक संवाद देखने को मिले।
कार्यक्रम के दायरे को और विस्तृत करते हुए, 4A द्वारा द्वितीय दिवस (27 दिसंबर 2025) को यह कार्यशाला जी.बी.पी.यू.ए.टी. के सभी महाविद्यालयों के यूजी, पीजी एवं पीएच.डी. छात्रों के लिए खोली गई, जिससे विश्वविद्यालय स्तर पर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित हुई। इस सत्र में डॉ. देवदत्त ने भावनात्मक नियंत्रण, कार्य–जीवन संतुलन, माइंडफुलनेस, सकारात्मक सोच एवं प्रभावी संप्रेषण जैसी व्यावहारिक तनाव प्रबंधन रणनीतियों पर बल दिया, जिससे छात्रों को शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटने के उपयोगी उपकरण प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के आयोजन में विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों का भी सहयोग रहा, जिनमें 1968 बैच से श्री वी. एम. धवन एवं श्री एस. एस. गोरैया, 1970 बैच से श्री ए. के. अग्निहोत्री तथा 1971 बैच से श्री टी. पी. सिंह एवं विश्वविद्यालय की प्रथम छात्रा श्रीमती वीणा चड्ढा शामिल रहीं। उनकी सहभागिता ने 4A द्वारा सुदृढ़ किए गए पूर्व छात्र–संस्थान संबंधों को उजागर किया तथा छात्रों को उनके अनुभवों और निरंतर जुड़ाव से प्रेरणा मिली।
उद्घाटन सत्र में अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसके पश्चात विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक चर्चाओं ने खुले एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें 4A, सहयोगी इकाइयों, संसाधन व्यक्ति एवं सभी प्रतिभागियों के सक्रिय योगदान की सराहना की गई।
समग्र रूप से यह कार्यशाला एलुमनी आल्मा मेटर एडवांसमेंट एसोसिएशन (4A) द्वारा संचालित एक सार्थक एवं प्रभावशाली पहल के रूप में उभरी, जिसने जी.बी.पी.यू.ए.टी. पंतनगर में छात्र कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं समग्र व्यक्तित्व विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। प्रतिभागियों ने इस उपयोगी पहल के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

