ब्रेकिंग न्यूज़: महादेव के खजाने में सेंध? BKTC के पैसों से VVIPs की ‘शाही मेहमान नवाज़ी’, RTI से खुली पोल!

केदारनाथ: भोलेनाथ के दर पर आस्था के नाम पर चढ़ाए गए करोड़ों रुपये क्या वाकई मंदिर के विकास में लग रहे हैं, या फिर VVIPs की सुख-सुविधाओं पर लुटाए जा रहे हैं? यह सवाल अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) पर श्रद्धालुओं के दान के पैसों के भारी दुरुपयोग का सनसनीखेज आरोप लगा है। अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी द्वारा लगाई गई एक RTI (सूचना का अधिकार) ने मंदिर समिति के खर्चों की जो पोल खोली है, उसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है।

भक्तों का दान, नेताओं का आराम!

RTI से मिले दस्तावेजों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रिपोर्ट के अनुसार, BKTC ने अनाधिकृत व्यक्तियों, नेताओं और रसूखदारों के रहने, खाने और हेलिकॉप्टर यात्रा पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए।

RTI के अनुसार सामने आई ‘VIP खर्चों’ की लिस्ट:

  • नेहा जोशी: 1 मई को आवास और शाही भोजन पर ₹40,000 का खर्च! (RTI दस्तावेज में एक दिन का बिल ही ₹40,000 दर्शाया गया है)।
  • आशा नौटियाल (केदारनाथ विधायक): ‘पंजाब सिंध आवास’ में इनके नाम पर ₹37,500 का मोटा बिल चुकाया गया।
  • पंकज मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई): इनके आवास पर लगभग ₹20,000 (दस्तावेज के अनुसार ₹20,000) खर्च किए गए।
  • भाजपा और RSS के नेता: रुद्रप्रयाग के भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं के ठहरने पर ₹24,000 खर्च किए गए।
  • अजय श्रीवास्तव (BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक): इनके आवास का बिल भी ₹23,000 आया, जिसे मंदिर समिति ने भरा।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

वायरल हो रहे बिलों के पन्नों (जिनमें ‘पंजाब सिंध आवास’ और ‘गायत्री भवन केदारनाथ’ के बिल शामिल हैं) ने पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि क्या आम श्रद्धालु जो 10-20 रुपये दान पात्र में डालता है, वो इन नेताओं के ₹12,500 प्रति रात वाले कमरों और ₹4000 के रात्रिभोज के लिए है?

अधिवक्ता विकेश नेगी ने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भगवान के नाम पर आए दान का सही उपयोग हो रहा है या नहीं।

अब देखना यह है कि BKTC प्रशासन और सरकार इस ‘भयंकर खुलासे’ पर क्या जवाब देती है!

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Jago Pahad Desk

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