राजस्थान में ईडी का अधिकारी ही निकला भ्रष्ट, एसीबी टीम ने घूस लेते किया गिरफ्तार

सीबीआई और ईडी की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठते रहते हैं। विपक्ष ईडी पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप लगाता रहता है। राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में ईडी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं, राजस्थान में ईडी का ही एक अधिकारी अपने सहयोगी के साथ 15 लाख रुपेय की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया। राजस्थान की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी और उसके साथी को गुरुवार 2 नवंबर को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। इसको लेकर ईडी ने बयान जारी किया है। एजेंसी ने कहा कि हमने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

नवल किशोर मीणा और बाबूलाल

ईडी ने सोशल मीडिया एक्स पर बयान जारी कर कहा कि एसीबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, मणिपुर के इंफाल में तैनान सब जोनल ऑफिसर नवल किशोर मीणा और जूनियर असिस्टेंट बाबूलाल मीणा को जयपुर में एसीबी ने गिरफ्तार किया। इसको लेकर हमने नवल किशोर मीणा को निलंबित कर दिया है। नवल किशोर मीणा और बाबूलाल मीणा के खिलाफ पीएमएलए धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

दरअसल, एसीबी की टीम ने ईडी अधिकारी नवल किशोर मीणा और उसके सहयोगी बाबूलाल मीणा 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों 17 लाख रुपये मांग रहे थे, लेकिन उन्हें 15 लाख रुपये ही घूस के रूप में दिए गए। एसीबी ने बताया कि हमें शिकायत दी गई कि ईडी के इंफाल ऑफिस में चिटफंड-प्रकरण में उसके विरुद्ध दर्ज मामले को निपटाने, प्रॉपर्टी जब्त नहीं करने और गिरफ्तार नहीं करने की एवज में आरोपी प्रवर्तन अधिकारी नवल किशोर मीणा 17 लाख रुपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान कर रहा है।


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Jago Pahad Desk

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