पिंडर घाटी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल, मंदिर व घरों में घुसा पानी

पिंडर घाटी में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश के चलते पिंडर नदी का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे नदी उफान पर है और कई घरों, पिंडर पब्लिक स्कूल, और बेतालेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो कई घरों को खतरा हो सकता है।

पिछले साल 13 अगस्त की आपदा में प्राणमति नदी में आई बाढ़ ने थराली गांव, सुना, देवलग्वाड़, और पेनगढ़ को जोड़ने वाला लोहे का मोटर पुल बहा दिया था। इसके स्थान पर लकड़ी का वैकल्पिक पुल बनाया गया था, जो शनिवार देर शाम बह गया, जिससे ये गांव विकासखंड मुख्यालय से कट गए हैं। इससे इंटर कॉलेज, गर्ल्स इंटर कॉलेज, पिंडर पब्लिक स्कूल, और शिशु मंदिर के बच्चों और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोल घाटी के कई गांवों का संपर्क मार्ग भी टूट गया है।

स्थानीय निवासी गंगा सिंह बिष्ट, प्रेम बुटोला, व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत, और खिमानंद खंडूरी ने बताया कि भारी बारिश के कारण थराली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 थराली गांव और बेसकान आदि गांवों को जोड़ने वाली पुलिया टूट गई हैं। पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल संकट बढ़ गया है और बिजली गुल होने से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।

उप जिलाधिकारी थराली, अबरार अहमद, ने बताया कि पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग को सड़कों को खोलने और डेंजर जोन पर मशीनों को तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं। आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और पुलिस सहित सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि भारी बारिश में घरों से बाहर न निकलें, जब तक कि बेहद जरूरी न हो।

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Jago Pahad Desk

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