अपात्र लोग सरेंडर कर दें राशन कार्ड, नहीं क‍िया तो हो जाएगी द‍िक्‍कत

अपात्र लोगों के मुफ्त राशन का फायदा लेने पर सरकार की तरफ से कार्यवाही की जा सकती है। इसके ल‍िए सरकार की तरफ से समय-समय पर लोगों से अपील भी की जाती है क‍ि वे खुद अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें या रद्द करवा लें।

अगर आपके पास भी राशन कार्ड है और आप सरकार की तरफ से म‍िलने वाले मुफ्त राशन योजना का फायदा उठा रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. आपको राशन कार्ड से जुड़े न‍ियमों के बारे में जरूर पता होना चाह‍िए। केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना काल से ही करोड़ों राशन कार्ड धारकों को फ्री राशन की सुव‍िधा दी जा रही है। प‍िछले द‍िनों सरकार की तरफ से ‘फ्री राशन योजना’ को द‍िसंबर 2023 तक के ल‍िए बढ़ाया गया था। सरकार की तरफ से प‍िछले द‍िनों कार्ड धारकों के ल‍िए एडवाइजरी भी जारी की गई थी।

सरकार की जानकारी में यह भी आया क‍ि बड़ी संख्‍या में अपात्र लोग फ्री म‍िलने वाले चावल और गेहूं का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में अपात्र लोग अपने राशन कार्ड को सरेंडर कर सकते हैं। अपात्र लोगों के मुफ्त राशन का फायदा लेने पर सरकार की तरफ से कार्रवाई की जा सकती है। इसके ल‍िए सरकार की तरफ से समय-समय पर लोगों से अपील भी की जाती है क‍ि वे खुद अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें या रद्द करवा लें।

आइए जानते हैं न‍ियमानुसार ऐसे कौन से लोग हैं जो योजना के तहत अपात्र हैं और उन्‍हें अपना राशन कार्ड सरेंडर कर देना चाह‍िए।

क्‍या है न‍ियम
अगर आपने राशन कार्ड सरेंडर नहीं क‍िया तो सत्यापन के बाद खाद्य विभाग की टीम आपका राशन कार्ड रद्द कर सकती है। इतना ही नहीं ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। खाद्य विभाग के अनुसार यद‍ि क‍िसी कार्ड धारक के पास खुद की आमदनी से ल‍िया गया 100 वर्ग मीटर का प्‍लाट / फ्लैट या मकान है तो वह मुफ्त राशन योजना के ल‍िए अपात्र है।

इसके अलावा यद‍ि क‍िसी के पास पहिया गाड़ी / कार / ट्रैक्टर, शस्‍त्र लाइसेंस, गांव में दो लाख और शहर में तीन लाख सालाना से ज्‍यादा की सालाना आमदनी है तो ऐसे लोगों को राशन कार्ड तहसील या डीएसओ ऑफ‍िस में सरेंडर करना होगा।

यद‍ि राशन कार्ड धारक कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो ऐसे लोगों का जांच के बाद कार्ड रद्द कर द‍िया जाएगा. दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों के लावा शहरी इलाके में भी ऐसे लोगों ने भी एपीएल और बीपीएल राशन कार्ड बनवा रखें हैं जो पूरी तरह संपन्‍न हैं. जांच में यह बात भी सामने आई है क‍ि कई पात्र पर‍िवारों के अभी तक राशन कार्ड नहीं बन पाए हैं।


Jago Pahad Desk

"जागो पहाड" उत्तराखंड वासियों को समाचार के माध्यम से जागरूक करने के लिए चलाई गई एक पहल है।

http://www.jagopahad.com