पंतनगर। विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में ‘उत्पाद विकास, गुणवत्ता एवं सुरक्षा में मानकों की भूमिका’ विषय पर एक बहु-विषयक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार का आयोजन बीआईएस कम्युनिटी साइंस स्टूडेंट चौप्टर द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विष्वसनीयता सुनिश्चित करने में मानकों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान वैष्विक एवं अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में उत्पादों की सफलता केवल उनके नवाचार और प्रदर्शन पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि स्थापित मानकों के अनुपालन पर भी आधारित होती है।
मानक उत्पाद विकास की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाते हैं तथा उत्पादन के विभिन्न चरणों में गुणवत्ता, विष्वसनीयता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, मानकों का पालन उद्योगों के नियमों को पूरा करने, त्रुटियों को कम करने तथा उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने में भी सहायता प्रदान करता है। इस राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने शोध कार्यों तथा विचारों को साझा किया।
प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्रों को मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन मूल्यांकन समिति द्वारा किया गया तथा उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
सेमिनार के अंतर्गत परिधान एवं वस्त्र मानक, उपभोक्ता संरक्षण एवं सुरक्षा मानक, सतत विकास से संबंधित मानक, खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण में मानकीकरण, खाद्य स्वच्छता एवं लेबलिंग मानक, संसाधन प्रबंधन के मानक तथा भारतीय बच्चों के विकासात्मक मूल्यांकन उपकरणों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. दीपा विनय के निर्देशन में आयोजित किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता, अधिष्ठात्री, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय डा. अल्का गोयल ने की। कार्यक्रम समन्वयक डा. एस. बी. सिंह, डा. साक्षी संयोजक तथा डा. नीतू डोभाल सह-संयोजक ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस सेमिनार ने सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा मानकीकरण के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

