मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर विवि की सड़कों के लिए दिए 28 करोड़, कुलपति ने जताया आभार किसान मेले की सफल कवरेज के लिए मीडिया प्रतिनिधियों को दिया धन्यवाद

पंतनगर। विश्वविद्यालय की अवस्थापना विशेष रूप से प्रांगण की सड़कों के पुनर्निर्माण हेतु माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड द्वारा धनराशि अवमुक्त किये जाने तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का 120वें अखिल भारतीय किसान मेले के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने के उपलक्ष्य में कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप की अध्यक्षता में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय के विकास, आधारभूत सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय परिसर की लगभग 30 किलोमीटर लम्बी सड़कों के पुनर्निर्माण एवं कायाकल्प हेतु 28 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने बताया कि पंतनगर परिसर के अलावा नगला, बेनी, पत्थरचट्टा एवं मटकोटा क्षेत्रों की कई सड़के काफी पुरानी हो चुकी हैं। करीब 20 वर्श पुरानी सड़कों के जर्जर होने के कारण इनके पुनर्निर्माण की आवश्यकता लम्बे समय से महसूस की जा रही थी।

उन्होंने बताया की पंतनगर में नमी अधिक होने के कारण, सड़कों के दोनों ओर पेड़-पौधों की अधिकता तथा कुछ सड़कों पर अपेक्षाकृत अधिक यातायात के कारण पुरानी पक्की सड़के जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब कंक्रीट की सड़के बनाने तथा सड़कों के दोनों ओर पैदल आवागमन के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स से फुटपाथ भी बनाने की योजना है। विश्वविद्यालय की महाविद्यालयों की सड़कों और छात्रावासों की सड़कों के दोनों ओर करीब दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ बनाने का कार्य पहले ही स्वीकृत हो चुका है और शीघ्र ही शुरू कराया जायेगा। छात्रावासों से महाविद्यालयों तक जाने वाली विश्वविद्यालय की पांच रेडियल सड़कों के दोनों ओर भी इंटरलॉकिंग टाइल्स से फुटपाथ बनाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि बेहतर सड़कें और सुविधाएं संस्थान की सकारात्मक छवि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विश्वविद्यालय परिसर में आवासों की कमी को देखते हुए नये आवासीय भवनों के निर्माण की दिषा में भी कार्यवाही जारी है। पुराने छात्रावासों के मरम्मत तथा नये छात्रावासों के निर्माण के लिए भी उत्तराखण्ड सरकार से शीघ्र ही धनराशि प्राप्त होगा। कुलपति ने उत्तराखण्ड प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को एग्रीकल्चर रोड मैप तैयार करने के विषय में भी जानकारी दी, जिसका मुख्य उद्देष्य उत्तराखण्ड के कृषि के विकास और कृषकों की आय में वृद्धि करना है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में लम्बे समय से दैनिक वेतन अथवा अन्य व्यवस्थाओं के तहत कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामलों पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के मामले नियमानुसार नियमितीकरण के योग्य पाये जा रहे हैं उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है।

कुलपति ने कहा कि 120वें किसान मेले को किसानों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया ने मेले में प्रदर्शित उन्नत बीज, कृषि यंत्र, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट खेती, पशुपालन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं कृषि नवाचारों को व्यापक स्तर पर किसानों और आम लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब किसानों को ‘सीड टू मार्केट’ व्यवस्था से जोड़ने पर विशेष ध्यान देगा। गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। विश्वविद्यालय फार्म को सीड हब के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति ने कहा कि कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों के माध्यम से किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ दिलाने की संभावनाओं पर भी विश्वविद्यालय कार्य करेगा। उन्होंने स्मार्ट कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सेंसर आधारित तकनीक एवं डिजिटल कृषि को भविष्य की महत्वपूर्ण जरूरत बताते हुए ‘लैब टू लैंड’ की अवधारणा को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग एवं बाजार से जुड़ाव आवश्यक है। अंत में उन्होंने किसान मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले किसानों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल ने सभी मीडिया के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा डा. जितेन्द्र क्वात्रा, निदेशक निर्माण एवं संयंत्र डा. अभिषेक तोमर, उपनियंत्रक ललित कुमार, उपनिदेशक निर्माण एवं संयंत्र हरीश जुकारिया, सह उप निदेशक निर्माण एवं संयंत्र डा. संजीव सुमन, सहायक निदेशक संचार डा. अर्पिता शर्मा काण्डपाल एवं प्रेस मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Jago Pahad Desk

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